देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

चंडीगढ़ में ग्रेनेड हमला: क्या देश के अंदरूनी सुरक्षा तंत्र में बड़ी सेंध

चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 5 अप्रैल 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह हमला एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था, जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने खुलासा किया कि इस हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड चीन निर्मित P-86 था, जिसे ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत में भेजा गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलविंदर लाल, जसवीर सिंह, चरणजीत सिंह, रूबल चौहान और मनदीप के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद ये सामग्री मुख्य आरोपियों गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह तक पहुंचाई गई, जिन्होंने 1 अप्रैल 2026 को हमला अंजाम दिया।

हालांकि इस हमले में किसी की जान नहीं गई, लेकिन दो वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस ने मौके से एक जिंदा ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां देशभर में अलर्ट हो गई हैं और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button