राष्ट्रपति से हरी झंडी मिलते ही बिल बना कानून, विरोधियों के खेमे में हड़कंप!

देश की राजनीति में आज सुबह से ही हलचल तेज हो गई है। उत्तराखंड के बाद अब पश्चिमी सीमा पर स्थित गुजरात देश का ऐसा दूसरा राज्य बन गया है, जिसने अपने राज्य में कानून का नया अध्याय लिख दिया है। राष्ट्रपति भवन से आधिकारिक मुहर लगते ही गुजरात Uniform Civil Code (UCC) बिल अब राज्य का पूर्ण कानून बन चुका है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अक्टूबर को इस ऐतिहासिक और कड़े विधेयक को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में अब पूरे राज्य में एक ही समान कानून लागू होगा। तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले तत्वों को सीधा संदेश देते हुए भारत की संप्रभुता और सामाजिक न्याय का यह खाका तैयार किया गया है। यह फैसला साफ करता है कि देश में अब जाति और धर्म के आधार पर कानून में दोहरे रवैये की कोई जगह नहीं बचेगी। भारत का संविधान सर्वोच्च है और इसे लागू करने में सरकार एक कदम भी पीछे नहीं हटेगी। कानून का यह शिकंजा उन लोगों पर सीधा हमला है जो पर्सनल लॉ के नाम पर अपनी मर्जी चला रहे थे।
भारत अब किसी भी आंतरिक या बाहरी दबाव में आने वाला नहीं है। गुजरात में लागू यह कानून देश में न्याय की समानता और सामाजिक सुरक्षा के प्रति नया मानक पेश कर रहा है।
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