चीन-पाकिस्तान की छाती पर सांप लोटा! भारत-इजराइल का ‘अभेद्य आर्थिक कवच’ लागू, ड्रैगन के हर वार का अंत करेगा यह ऐतिहासिक समझौता!

पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका युद्ध की आग के बीच भारत और इजराइल ने मिलकर एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया है जिसने भारत विरोधियों के होश उड़ा दिए हैं। 4 जुलाई 2026 से लागू हुआ भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गलियारों में मुख्य चर्चा का विषय बना हुआ है। इस समझौते के तहत भारत ने अपनी संप्रभुता और नीतिगत अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए इजराइली हाई-टेक इन्वेस्टमेंट्स के लिए भारत के दरवाजे खोले हैं। यह समझौता एक ऐसे समय में पूरी ताकत से काम करना शुरू कर चुका है जब पूरी दुनिया खाड़ी के युद्ध के कारण निवेश करने से डर रही है।
भारत ने इजराइल के साथ रक्षा, जल प्रबंधन, कृषि और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग को एक नए आक्रामक स्तर पर पहुंचा दिया है। इस नए कानूनी ढांचे के लागू होने के बाद चीनी कंपनियों के एकाधिकार को तकनीकी क्षेत्र से पूरी तरह उखाड़ फेंकने की तैयारी कर ली गई है। इजराइल की अत्याधुनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा की ताकत अब सीधे भारतीय उद्योगों को मिलेगी, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक प्रचंड रफ्तार मिलेगी। पाकिस्तान जो इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का नाटक रचकर खुद को क्षेत्रीय चौधरी साबित करने की नाकाम कोशिश कर रहा है, उसे भारत और इजराइल के इस गठजोड़ ने तगड़ा झटका दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि वह इजराइल के साथ मिलकर आतंकवाद और आर्थिक अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों को कुचल कर रख देगा। यह समझौता भारत के आर्थिक महाशक्ति बनने के सफर में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।




