अफ्रीकी महाद्वीप से लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह से कुचलने वाली एक भीषण और रक्तरंजित खबर आ रही है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्व राष्ट्रपति जोसेफ कबीला ने देश की चुनी हुई सरकार का तख्तापलट करने के लिए खूंखार M23 विद्रोहियों, ट्विरवेनेहो और कांगो रिवर एलायंस के साथ मिलकर एक नए घातक उग्रवादी संगठन ‘फ्रंट फॉर द रिफंडेशन ऑफ द नेशन’ का गठन कर दिया है। कबीला ने खुलेआम ऐलान किया है कि उनका यह गठबंधन कांगो के मौजूदा राष्ट्रपति फेलिक्स त्सेसीकेदी की सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र सैन्य अभियान चलाएगा।
कांगो के किवू (Kivu) क्षेत्र में पहले से ही जारी भीषण नरसंहार के बीच कबीला के इस दुस्साहसी कदम ने पूरे अफ्रीका में गृहयुद्ध की नई और सबसे खतरनाक आग भड़का दी है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विद्रोहियों का यह नया गुट भारी हथियारों से लैस है और कांगो के प्रमुख शहरों तथा समृद्ध खनिज क्षेत्रों पर तेजी से अपना कब्जा जमाता जा रहा है। कांगो की मौजूदा सेना और विद्रोहियों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में अब तक सैकड़ों निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है और लाखों लोग अपना घर-बार छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना भी इस भयानक हिंसा के आगे पूरी तरह से बेबस नजर आ रही है।
एक पूर्व राष्ट्राध्यक्ष का देश की ही चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ विद्रोहियों संग हाथ मिलाकर जंग का ऐलान करना, लोकतंत्र के मुंह पर ऐसा करारा तमाचा है जिसने पूरे अफ्रीका को फिर से खून की नदियां बहाने के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
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