YRF के काले सच से उठा पर्दा! डायरेक्टर ने 3 साल बर्बाद होने और कंगाल होने का खोला खौफनाक कच्चा चिट्ठा!

बॉलीवुड के बड़े-बड़े प्रोडक्शन हाउस कैसे नए और टैलेंटेड मेकर्स का करियर तबाह करते हैं, इसका एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है। फिल्म ‘गांधारी’ और ‘जोराम’ के डायरेक्टर देवाशीष मखीजा ने यशराज फिल्म्स (YRF) के दलबदलू रवैये पर बम फोड़ दिया है।
देवाशीष मखीजा ने एक हालिया इंटरव्यू में अपने शुरुआती दिनों के उस दर्द को बयां किया है जिसने उन्हें पाई-पाई का मोहताज बना दिया था। उन्होंने महज 27 साल की उम्र में यशराज फिल्म्स के साथ 3 फिल्मों का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। उन्हें लगा कि उनकी किस्मत चमक गई है, लेकिन YRF ने एक एनिमेटेड प्रोजेक्ट पर उनसे 3 साल तक दिन-रात काम करवाया और जब उनकी दूसरी फिल्म फ्लॉप हुई, तो देवाशीष के प्रोजेक्ट को बिना सोचे-समझे डिब्बे में बंद (Shelved) कर दिया। देवाशीष ने खुलासा किया कि YRF के इस घटिया रवैये के कारण उनके जिंदगी के 3 कीमती साल बर्बाद हो गए और वे इस कदर कंगाल हो गए कि उनके पास किराए के मकान का किराया देने तक के पैसे नहीं बचे थे और वे फुटपाथ पर आ गए थे।
बॉलीवुड का यह चमचमाता ग्लैमर अंदर से कितना खोखला और क्रूर है, यह देवाशीष के बयान से साबित होता है। बड़े बैनर सिर्फ अपने फायदे के लिए नए निर्देशकों के सपनों का खून करते हैं और बाद में उन्हें बदहाली में छोड़ देते हैं।
