डिजिटल तकनीक से बदली गांव की तस्वीर, बुजुर्गों को घर बैठे मिलने लगी पेंशन की सुविधा

रायपुर। डिजिटल तकनीक अब ग्रामीण अंचलों में बुजुर्गों के लिए राहत और आत्मनिर्भरता का नया जरिया बन रही है। ऑनलाइन पेंशन, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और व्हाट्सएप आधारित सरकारी सेवाओं ने उन्हें लंबी कतारों और दफ्तरों के चक्कर से छुटकारा दिलाया है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के ग्राम पंचायत गारपा के आश्रित ग्राम मसपुर में इसका सकारात्मक उदाहरण देखने को मिला।
समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित विशेष शिविर में ग्रामीणों को आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को बताया गया कि आधार और बैंक खाते की सही जानकारी होने पर पेंशन राशि सीधे खातों में सुरक्षित रूप से पहुंचती है।
फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के जरिए अब बुजुर्ग घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। शिविर के दौरान 15 पेंशन हितग्राहियों को जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 तक की लंबित पेंशन राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुई, जिससे उनके चेहरों पर खुशी और संतोष दिखाई दिया। इस पहल ने बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सरकारी व्यवस्था के प्रति ग्रामीणों का भरोसा और मजबूत किया।
शिविर में दो नए पात्र हितग्राहियों के पेंशन आवेदन भी स्वीकार किए गए, जिससे उन्हें भी भविष्य में बिना किसी परेशानी के पेंशन का लाभ मिल सकेगा। विभाग ने सभी हितग्राहियों से आधार और बैंक खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखने की अपील की है, ताकि योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के सीधे उनके खातों तक पहुंचता रहे।




