ग्रामीण विकास पर फोकस: 2026–27 बजट में रोजगार, आवास और स्वच्छता को प्राथमिकता

रायपुर। वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित राज्य शासन के तीसरे बजट की तैयारियों के तहत मंगलवार को मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग से जुड़ी विभिन्न इकाइयों द्वारा प्रस्तुत बजट मांग प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और उनकी आवश्यकता व प्राथमिकताओं की समीक्षा की गई।
बैठक में ग्रामीण अधोसंरचना, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, पेयजल, आवास, स्वच्छता और आजीविका से जुड़ी योजनाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। यह स्पष्ट किया गया कि बजट प्रावधान केवल खर्च तक सीमित न रहें, बल्कि ठोस और मापनीय परिणाम देने वाले हों।
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए अन्य विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने, नई योजनाओं के माध्यम से आवास निर्माण को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला स्वसहायता समूहों व लखपति दीदियों को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके साथ ही तकनीक आधारित समाधान, क्षमता संवर्धन और डिजिटल सेवाओं के जरिए पंचायत व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाने पर बल दिया गया। बैठक में यह भी कहा गया कि प्रत्येक योजना के साथ स्पष्ट लक्ष्य, अपेक्षित उपलब्धियां और लागत-लाभ का आकलन अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।




