देश में बाढ़-बारिश का कहर! बिहार में बांध टूटा, 35 लाख से ज्यादा लोग संकट में, कई राज्यों में स्कूल बंद

देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बिहार में गंगा समेत 8 नदियां उफान पर हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। राज्य के 14 जिलों में बाढ़ का संकट खड़ा हो गया है, जहां करीब 35.89 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियां लाल निशान से ऊपर बह रही हैं।
सबसे गंभीर स्थिति सारण जिले में सामने आई है, जहां माही नदी पर बना जमींदारी बांध टूटने के बाद लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सवाल यह है कि आखिर हर साल आने वाली बाढ़ के बावजूद बांधों और तटबंधों की मजबूती पर समय रहते ध्यान क्यों नहीं दिया जाता?
उत्तर प्रदेश में भी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लखीमपुर और बरेली में कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वाराणसी में छोटे बच्चों के स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य कक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। वाराणसी और प्रयागराज समेत 23 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है।
उधर, उत्तराखंड के पौड़ी में लैंडस्लाइड ने खतरे की घंटी बजा दी है। घरों और दुकानों में दरारें आने लगी हैं और भारी बारिश की आशंका के बीच यलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, मध्य प्रदेश में बारिश से बेहाल हालात के उलट मानसून ने फिर ब्रेक ले लिया है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर देश की आपदा तैयारी सिर्फ अलर्ट और राहत तक सीमित क्यों रह जाती है?




