भारत का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, निर्यात भी रिकॉर्ड स्तर पर; राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भरता को बताया प्राथमिकता

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और सैन्य आधुनिकीकरण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा बलों के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके पीछे आत्मनिर्भर तथा भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षेत्र का लक्ष्य है। इसी क्रम में देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। रक्षा मंत्री के मुताबिक भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह वृद्धि घरेलू स्तर पर रक्षा उपकरणों के निर्माण और देश की सैन्य आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रक्षा निर्यात के मोर्चे पर भी भारत ने रिकॉर्ड स्तर दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह आंकड़ा भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती क्षमता और वैश्विक बाजार में भारतीय रक्षा उत्पादों की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य आधुनिकीकरण के साथ आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति के बीच रक्षा तकनीक, स्वदेशी उत्पादन और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
रक्षा उत्पादन में वृद्धि को आत्मनिर्भर भारत अभियान से भी जोड़ा गया है। घरेलू रक्षा उद्योग को मजबूत करने, देश में सैन्य उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने और रक्षा जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में रक्षा तकनीक को भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। उन्होंने भारत को हाइपरसोनिक और अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीकों में नेतृत्व करने तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इससे पहले रक्षा उत्पादन में वृद्धि और निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के आंकड़े सामने आए थे। रक्षा उत्पादन का 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचना और रक्षा निर्यात का 38,424 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचना भारत के रक्षा उद्योग के विस्तार को दर्शाता है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रक्षा क्षेत्र से जुड़े ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं जब भारत आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के जरिए अपनी रणनीतिक क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। सरकार की नीति में रक्षा उत्पादन, सैन्य आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दे रहा है।




