देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

पश्चिमी देशों की तीखी फटकार और तेहरान की तानाशाही

ईरान की खूंखार सलाखों के पीछे असहमति की आवाज़ों का गला घोंटने का खूनी खेल अब अपने चरम पर पहुंच चुका है। फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय संघ के पाले हुए दिग्गजों समेत दुनिया के 25 से अधिक ताकतवर देशों ने एक संयुक्त और आक्रामक बयान जारी कर तेहरान की अयतोल्लाह हुकूमत को खुली चेतावनी दी है। ईरान में सरेआम दी जा रही फांसी की सजाओं ने पूरी दुनिया के जमीर को झकझोर कर रख दिया है।

पश्चिमी ताकतों ने सीधे शब्दों में ईरानी हुकूमत को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि वह अपनी ही भूखी-प्यासी जनता के विद्रोह को कुचलने के लिए फांसी के फंदों का इस्तेमाल कर रही है। संयुक्त निंदा पत्र में दो टूक कहा गया है कि राजनीतिक असंतोष को मौत के घाट उतारने की यह वहशी नीति किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं की जा सकती।

खून की प्यासी न्यायपालिका और दमन का नंगा नाच
ईरान की बदहाल अर्थव्यवस्था और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं पर क्रूरता की सारी हदें पार की जा रही हैं।

ईरानी न्यायपालिका दिखावटी और फर्जी मुकदमे चलाकर बेकसूर प्रदर्शनकारियों को ताबड़तोड़ फांसी पर लटका रही है।

इसके बावजूद, तेहरान के कट्टरपंथी शासक इस नृशंसता को अपनी संप्रभुता और तथाकथित राष्ट्रीय सुरक्षा का ढोंग बताकर बचाव कर रहे हैं।

क्या अपनी ही जनता के खून की प्यासी हो चुकी ऐसी तानाशाही हुकूमतें अंतरराष्ट्रीय कोड़े के सामने झुकेंगी, या दमन का यह खूनी तांडव और अधिक लाशें गिराएगा?

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button