स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी तेल टैंकरों पर ईरानी हमला: वैश्विक ऊर्जा सप्लाई ठप, ट्रंप ने दी तेहरान को खाक में मिलाने की धमकी

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में बीते 24 घंटों के भीतर ईरान ने अमेरिकी वायु सेना के एस्कॉर्ट में जा रहे दो विशाल तेल टैंकरों पर मिसाइलों से सीधा हमला कर दिया है। इस हमले के बाद जलमार्ग में भयंकर आग लग गई और कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में हड़कंप मच गया। ईरान की इस खुली आक्रामकता ने वैश्विक तेल बाजार में भूचाल ला दिया है, जिसके तुरंत बाद अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसैनिक नौकाओं को निशाना बनाकर उन्हें समंदर की गहराइयों में डुबो दिया।
प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान ईरान के तटीय मिसाइल दस्तों ने अमेरिका-संबद्ध जहाजों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि वे जलमार्ग से न गुजरें। जब अमेरिकी नौसेना के सुरक्षा चक्र में दो व्यावसायिक तेल टैंकर आगे बढ़े, तो ईरान ने अपनी उन्नत क्रूज मिसाइलों से हमला बोल दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी बेड़े ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन कुछ मिसाइलों के टकराने से टैंकरों में भारी नुकसान हुआ है।
जवाब में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरानी तटीय रडार स्टेशनों, ड्रोन लॉन्चिंग पैडों और निगरानी केंद्रों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर ईरान की ‘समुद्री डकैती और आतंकवाद’ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की किसी भी हलचल को तुरंत खत्म करने के लिए ‘फ्रीडम ऑफ नेविगेशन’ ऑपरेशन को और अधिक आक्रामक बना दिया है।
इस भयंकर नौसैनिक मुठभेड़ के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक आसमान छूने लगी हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान अब इस युद्ध को केवल सैन्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर ले जाकर पश्चिमी देशों का दम घोंटना चाहता है। परंतु अमेरिका ने भी यह साफ कर दिया है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के आर्थिक ढांचे को पूरी तरह पंगु बनाकर ही दम लेगा। फारस की खाड़ी में जहाजों के जलने का धुआं अब पूरे मध्य पूर्व के आसमान को काला कर रहा है।




