इटली का फरमान: स्कूलों में बुर्का-हिजाब पर लगेगा ताला, मचेगा बवाल!

यूरोप की धरती पर फिर से धर्म और पहनावे को लेकर एक ऐसा विवाद सुलग उठा है जिसने पूरी दुनिया के मानवाधिकार संगठनों और मुस्लिम देशों के कान खड़े कर दिए हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का बेहद कड़ा प्रस्ताव पेश कर दिया है। इतना ही नहीं, विदेशी छात्रों के माता-पिता के लिए इतालवी भाषा की क्लास लेना अनिवार्य करने का फरमान जारी हुआ है।
इस फरमान के बाद यूरोप के सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है। मेलोनी के इस कदम को सीधे तौर पर पश्चिमी सभ्यता और इस्लामी परंपराओं के बीच एक सीधी जंग के रूप में देखा जा रहा है। मानवाधिकार गुट इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, तो वहीं मेलोनी का कड़ा संदेश है कि देश के कानूनों और सांस्कृतिक मूल्यों से कोई समझौता नहीं होगा।
पश्चिमी देशों में दक्षिणपंथी सरकारों के इस आक्रामक रुख ने एक नए बड़े वैश्विक तनाव को जन्म दे दिया है। यूरोप में कट्टरपंथ और उदारवाद के बीच का यह टकराव अब स्कूलों की दहलीज तक पहुँच गया है, जहाँ से शांति के सारे रास्ते बंद होते नजर आ रहे हैं।




