G-7 शिखर सम्मेलन में भारत की बड़ी कूटनीतिक परीक्षा, दुनिया के दिग्गज नेताओं से मिलेंगे पीएम मोदी

फ्रांस के एवियन शहर में 16 और 17 जून को आयोजित हो रहे G-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर दुनिया की नजर इस बैठक पर टिकी हुई है।
भारत भले ही G-7 देशों का स्थायी सदस्य नहीं है, लेकिन एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति के रूप में उसे इस बैठक में आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान अमेरिका, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, जर्मनी समेत कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं।
इस यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुलाकात कर व्यापार, रक्षा, अंतरिक्ष और AI क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।
G-7 सम्मेलन में भारत विकासशील देशों की आवाज उठाने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की चिंताओं को भी सामने रखेगा। भारत ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और डिजिटल विकास जैसे विषयों पर अपना पक्ष मजबूती से रख सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया की बदलती राजनीति में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी शक्तियां भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने में रुचि दिखा रही हैं।
इस सम्मेलन के दौरान होने वाली द्विपक्षीय बैठकों पर भी पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है क्योंकि इनके जरिए कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते और साझेदारियां आगे बढ़ सकती हैं।




