बतौली में महिलाओं की नई उड़ान: एफपीओ ने खोले रोजगार और स्वरोजगार के नए द्वार

रायपुर। प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई पहलें की जा रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के बतौली में महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) द्वारा संचालित कृषि सामग्री केंद्र, सिलाई-कपड़ा केंद्र और किराना दुकान की शुरुआत की गई। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और आय बढ़ाने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पंचायत सरगुजा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान एफपीओ की पदाधिकारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, संचालक मंडल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने महिला समूहों द्वारा तैयार और प्रसंस्कृत उत्पादों जैसे चावल, दाल, साबुन तथा अन्य घरेलू उपयोग की सामग्रियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि महिला समूहों के माध्यम से संचालित ऐसे उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कृषि सामग्री केंद्र के निरीक्षण के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान, आधुनिक तकनीक और बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वहीं सिलाई-कपड़ा केंद्र में महिलाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें नवाचार आधारित उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बैठक में कृषि सखी, पशु सखी, पीआरपी और अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं के साथ एफपीओ के संचालन, उत्पादों के विपणन, बाजार से जुड़ाव और महिला सदस्यों की आय वृद्धि जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही एफपीओ को और अधिक मजबूत एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।
ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से संचालित यह पहल महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला एक प्रेरक मॉडल बनकर उभर रही है। राज्य सरकार के सहयोग से महिला एफपीओ गांवों में आर्थिक गतिविधियों के साथ सामाजिक बदलाव का भी माध्यम बन रहे हैं।




