छत्तीसगढ़रायपुर

विभागीय मंत्री की जगह दूसरे मंत्री के जवाब देने पर आपत्ति

रायपुर

  • मंत्री कवासी लखमा के विभाग उद्योग और आबकारी के बजट अनुदान मांग पर चर्चा शुरू हुई. अनुदान प्रस्ताव सदन के पटल पर पेश करने के लिए मो अकबर को अधिकृत करने पर बीजेपी विधायकों ने आपत्ति की. विधायकों ने कहा कि मंत्री के सदन में होने के बाद भी दूसरे मंत्री प्रस्ताव पेश कर रहे. यह अच्छी परम्परा नहीं है. ये भविष्य के लिए नजीर न बने. आसंदी ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में अनुमति दी गई है. ये परंपरा नहीं बनेगी.
  • अनुदान मांग पर चर्चा में भाग लेते हुए बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कवासी लखमा सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं. वह छत्तीसगढ़ के गौरव है. अपनी जिजीविषा से इस ऊंचाई तक पहुँचे हैं. वह हम सबके लिए प्रेरणा है. शिक्षा उनके सामने आड़े न बने इसका हम नैतिक समर्थन करेंगे. सदन में यह परंपरा न बने इसलिए हमने उनकी मौजूदगी में दूसरे मंत्री को प्रस्ताव रखने के लिए अधिकृत करने के लिए दिए जाने पर आपत्ति दर्ज की है.

शराबबंदी नहीं कर सकती सरकार

  • विधायक ने कहा कि ये सरकार छत्तीसगढ़ की भावनाओं के साथ खेल रही है. पूर्ण शराबबंदी को लेकर अखबारों में बयान आता है कि नोटबन्दी की तरह शराबबंदी नहीं की जाएगी. लेकिन ये सरकार कभी बंद नहीं कर सकती. सरकार को चाहिए कि अपने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा पूरा किया जाए. मैं तो कहूंगा कि आबकारी विभाग को बंद कर वापस राजस्व विभाग को दे दिया जाए. बस्तर में टाटा के लिए अधिग्रहित की गई जमीन को वापस करके क्या ये साबित करना चाहते हैं कि रमन सरकार जमीन अधिग्रहित करके गलती की है?

बस्तर को लेकर जारी करें श्वेत पत्र

  • उन्होंने कहा कि वहीं प्रदेश आगे बढ़ रहा है जिसका अपना लैंड बैंक है. दुर्भाग्य से यह क्षति बीजेपी उठा रही है. बस्तर की नीति को लेकर सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. औद्योगिक नीति में बगैर बातचीत किये विश्वास लिए बगैर कदम उठाना शुरू कर दिया. हम जब थे तब स्टार्ट अप के लिए नीति बनाई थी. छत्तीसगढ़ में तीन हजार स्टार्ट अप रजिस्टर थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने कितने स्टार्ट अप शुरू किये. सरकार नौकरी में कमी के चलते हमने वैकल्पिक इंतजाम किये थे, लेकिन इस सरकार में रोजगार की लगातार कमी हो रही है.

नहीं दिखी सरकार में निवेश की इच्छा

  • चंद्राकर ने कहा कि लघु उद्योग के लिए लोन देने कोई बैंक तैयार नहीं होता. इसे लेकर सरकार की नीति अस्पष्ट है. छत्तीसगढ़ में निवेश लाने के लिए सरकार की इच्छा इन दो महीनों में कहीं नजर नहीं आई. छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति बस्तर को अंधेरे में ले जाने की हो रही कोशिश का मैं विरोध करता हूँ. शराबबंदी को लेकर चालाकी भरे शब्दों से बयान देना अच्छी रीति नहीं है.

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