श्रमिक दिवस पर बृजमोहन ने CM बघेल को पत्र लिखकर, प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी किए जाने की मांग की

रायपुर,(fourth eye news ) छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी किए जाने की मांग की है। आज श्रमिक दिवस पर श्रमिकों के हित में राज्य में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा करने का आग्रह किया गया है। आज एक मई को बृजमोहन अग्रवाल का जन्मदिन भी है और इस दिन विशेष पर शराबबंदी की मांग राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है।

बृजमोहन ने लिखे गए पत्र में कहा कि कोरोना वायरस का भयावह संकट, दुनिया पर एक आफत बनकर मंडरा रहा है। जिंदगी की सीमाएं, घर की चार दिवारी तक सीमित हो गई हैं। इस ठहराव से व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक परिवेश में कई बदलाव आए हैं। इनमें एक बदलाव, सीधे श्रमिक परिवारों से सरोकार रखता है।जिस पर चिंतन, मनन और नीतिगत निर्णय लेने के लिए इस पत्र के माध्यम से आग्रह कर किया जा रहा है। कोरोना महामारी के कारण प्रदेश में लॉकडाउन से शराब दुकाने बंद हुई हैं, ज्यादातर श्रमिक परिवारों में होने वाली हर दिन की शराब जनित घरेलू हिंसा,अवसाद से आत्महत्यायें, शराब से उत्पन्न अनेकानेक रोग व्याधियां मानों थम सी गई हैं। इसलिए प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी होनी चाहिए, ऐसी मांग प्रदेश भर से आ रहा है।

बृजमोहन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा है कि यह अवसर भी आपको इतिहास गढ़ने का मौका दे रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा पर प्रथम बार 20 दिसम्बर 1920 को पधारे थे। पं. सुंदर लाल शर्मा उनके साथ थे। गांधी जी ने सदैव ही शराब को शरीर और आत्मा का दुश्मन माना। यह ऐतिहासिक अवसर है कि गांधी जी के छत्तीसगढ़ पदार्पण के 100 साल पूरे होने पर छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराब बंदी की घोषणा की जाए।

उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन के बीच हम श्रमिक दिवस मना रहे हैं। प्रदेश में 56 लाख से अधिक परिवार शारीरिक श्रम से जीविका चला रहे हैं। इनमें से बहुत से परिवार शराब की बुरी लत से प्रभावित हैं। लॉकडाउन से इन श्रमिक परिवारों में एक अवधारणा ने जन्म लिया है कि जनता तो शराब पीना नहीं चाहती, सरकार जबरिया गली-गली, गांव-गांव में शराब की लत फैला रखी है।यह राजनैतिक आलोचना नहीं है, जनता का फीड बैक है। स्वाभाविक है कि शराब से आम गरीब आदमी का तन, मन, धन, और चरित्र प्रभावित ही नहीं हुआ है बल्कि पारिवारिक बिखराव भी हो रहा है। आज लॉकडाउन के कारण यह बातें थमी हैं, तो इन परिवारों को उम्मीद भी जगी है कि कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल शराबबंदी का वादा अब पूरा करेंगे।

 

 

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