ट्रंप के आदेश पर CENTCOM ने ईरान पर बरसाईं मिसाइलें, शुरू हुआ वर्ल्ड वॉर-3 का काउंटडाउन!

मध्य पूर्व (West Asia) की धरती एक बार फिर महाविनाश के खूनी दलदल में धंस गई है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ बेहद नाजुक संघर्षविराम (Ceasefire) महज़ कुछ ही दिनों के भीतर पूरी तरह तार-तार हो चुका है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खौलते पानी में सिंगापुर के मालवाहक जहाज ‘एम/वी एवर लवली’ (M/V Ever Lovely) पर हुए आत्मघाती ड्रोन हमले ने इस कूटनीतिक समझौते के परखच्चे उड़ा दिए हैं। इस दुस्साहस से बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है, जिन्होंने इसे एक ‘मूर्खतापूर्ण उल्लंघन’ करार देते हुए ईरान को नेस्तनाबूद करने की खुली सैन्य धमकी दे डाली है।
पेंटागन की कमान संभाल रहे अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बिना एक पल गंवाए आज तड़के ईरान के भीतर विनाशकारी जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी स्टील बर्ड्स (फाइटर जेट्स) ने ईरान के तटीय रडार स्टेशनों, मिसाइल डिपो और ड्रोन स्टोरेज ठिकानों को भारी बमबारी कर मटियामेट कर दिया है। व्हाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सेना को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगर वैश्विक जलमार्गों की सुरक्षा को खतरा पहुँचाया गया, तो इसका जवाब केवल और केवल महाविनाशकारी सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा। स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में जो कूटनीतिक शांति रोडमैप तैयार किया जा रहा था, वह अब पूरी तरह बारूद के धुएं में गायब हो चुका है。
इस भीषण सैन्य टकराव और सीजफायर टूटने के कारण पूरी दुनिया में ‘थर्ड वर्ल्ड वॉर’ (World War 3) की आशंका गहरा गई है। हॉर्मुज जलमार्ग ठप होने से वैश्विक ईंधन सप्लाई को इतिहास का सबसे बड़ा ‘ऑयल शॉक’ लगा है, जिसने अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में हाहाकार मचा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने इस अमेरिकी हवाई हमले का जवाब अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों से दिया, तो यह जंग सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय को अपनी चपेट में ले लेगी। महाशक्ति अमेरिका और ईरान के बीच का यह ताजा टकराव पूरी दुनिया को एक अंतहीन और आत्मघाती महायुद्ध की आग में झुलसाने के लिए तैयार है।




