नक्सल प्रभावितों के पुनर्वास पर सरकार का फोकस, 109 शहीद स्मारक बनेंगे; पुनर्वासित युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर

नवा रायपुर। नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों, शहीद परिवारों और पुनर्वासित युवाओं के लिए संचालित सहायता एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
शहीद परिवारों को 100 प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिवारों को शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है। इस उपलब्धि पर विजय शर्मा ने संतोष जताते हुए कहा कि शहीद परिवारों की जिम्मेदारी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने एसआईबी के डैशबोर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों और पुनर्वासित लोगों से जुड़े मामलों की वास्तविक स्थिति की निगरानी हो सके।
109 शहीद स्मारकों का होगा निर्माण
राज्य गठन के बाद माओवादी हिंसा में शहीद जवानों और दिवंगत नागरिकों की स्मृति में 109 शहीद स्मारक बनाए जाएंगे। ये स्मारक संबंधित घटना स्थल या गांवों में स्थापित किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री ने सभी स्मारकों के लिए एक समान डिजाइन तैयार कर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने को कहा।
स्मारकों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे। इन्हें स्कैन करने पर संबंधित शहीद, घटना और उनके योगदान से जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।
नक्सल हिंसा के पीड़ितों के लिए चलेगा विशेष अभियान
बैठक में उन मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनमें नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। अधिकारियों को ऐसे मामलों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने और पात्र लोगों से आवेदन लेकर उन्हें शासन की सहायता दिलाने के निर्देश दिए गए।
गंभीर मामलों को छोड़कर पुनर्वासित युवाओं के प्रकरण जल्द निपटाने पर जोर
पुनर्वासित युवाओं से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि यूएपीए और जनहानि जैसे गंभीर मामलों को छोड़कर अन्य प्रकरणों का तेजी से निराकरण किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं, लोक अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
स्कूल, चौक और सरकारी भवनों के नाम शहीदों के नाम पर होंगे
शहीदों की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए स्कूलों, चौक-चौराहों और शासकीय भवनों के नामकरण की प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया। जहां विभागीय अनुमति की आवश्यकता है, वहां तत्काल अनुमति लेकर नामकरण की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए।
पात्र लोगों को मुआवजा और प्रोत्साहन राशि दिलाने के निर्देश
माओवादी हिंसा में जनहानि के मामलों में मिलने वाली क्षतिपूर्ति तथा घायल जवानों और नागरिकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भी समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पात्र हितग्राहियों को निर्धारित सहायता मिले और कोई भी पात्र प्रकरण लंबित न रहे।
पुनर्वास केंद्रों में स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था पर निगरानी
पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य, स्वच्छता, भोजन और मौसमी बीमारियों से बचाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों को पुनर्वास केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया।
पुनर्वासित युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की तैयारी
पुनर्वासित युवाओं को मिलने वाली इनाम राशि की शेष रकम का भुगतान इसी माह के अंत तक करने के निर्देश दिए गए। दूसरे राज्यों से हथियार छोड़कर छत्तीसगढ़ लौट रहे स्थानीय लोगों को भी पुनर्वास केंद्रों से जोड़कर कौशल विकास का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
जो पुनर्वासित युवा दूसरे राज्यों के निवासी हैं और अपने गृह राज्य लौटना चाहते हैं, उनके लिए संबंधित राज्यों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
विजय शर्मा ने कहा कि पुनर्वास केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पुनर्वासित लोगों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी आजीविका और समाज में उचित स्थान दिलाना भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने ग्राम जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पुनर्वासित लोगों को सरकारी योजनाओं और रोजगार गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
इलवद पंचायत योजना के 50 गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में इलवद पंचायत योजना के तहत चयनित 50 गांवों में विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन गांवों में विकास कार्यों की स्वीकृति और शुरुआत प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके।
पुनर्वासित युवाओं की नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के निर्देश
बैठक में उन पुनर्वासित युवाओं का मुद्दा भी उठा, जिनकी नसबंदी कराई गई थी। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में नसबंदी खुलवाने की प्रक्रिया के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नक्सल प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता, शहीद परिवारों के कल्याण, पुनर्वास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निराकरण और पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह निहारिका बारिक, सचिव नेहा चंपावत, सचिव हिमशिखर गुप्ता, डीजी पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन पवन देव, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




