22 हजार लोगों से ऑनलाइन ठगी! 126 फर्जी वेबसाइटों का जाल, गुजरात पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

नई दिल्ली। ऑनलाइन होटल और ठहरने की बुकिंग करने वाले लोगों को निशाना बनाकर बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एक गिरोह ने कथित तौर पर 126 फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल कर हजारों लोगों को अपना निशाना बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक इस नेटवर्क से करीब 22 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। मामले में गुजरात पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
जांच में सामने आया कि ठगों ने ऑनलाइन होटल और स्टे बुकिंग से जुड़े लोगों को निशाना बनाने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी वेबसाइटें तैयार की थीं। ये वेबसाइटें वास्तविक बुकिंग प्लेटफॉर्म जैसी दिखाई देती थीं। लोग ऑनलाइन ठहरने की जगह तलाशते समय इन वेबसाइटों तक पहुंचते और बुकिंग के नाम पर भुगतान कर देते थे।
रिपोर्ट के अनुसार गिरोह ने 126 फर्जी वेबसाइटों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच बनाई। इस नेटवर्क से लगभग 22 हजार लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने समय तक यह नेटवर्क चलाया और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।
गुजरात पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई अभी जारी है और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि फर्जी वेबसाइटों का संचालन किस तरीके से किया जाता था और ठगी की रकम को कहां और कैसे भेजा जाता था।
यह मामला ऑनलाइन बुकिंग करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी के तौर पर सामने आया है। इंटरनेट पर होटल, रिसॉर्ट या अन्य ठहरने की जगह बुक करते समय वेबसाइट की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। फर्जी वेबसाइटें वास्तविक वेबसाइटों की तरह दिखाई दे सकती हैं और इसी वजह से उपयोगकर्ताओं के लिए असली और नकली प्लेटफॉर्म के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
पुलिस की जांच में गिरोह के नेटवर्क, वेबसाइटों के संचालन और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
22 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी और 126 फर्जी वेबसाइटों का इस्तेमाल इस साइबर ठगी नेटवर्क के बड़े पैमाने को सामने रखता है। गुजरात पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके संचालन से जुड़े डिजिटल तथा वित्तीय पहलुओं की जांच जारी है।


