वाशिंगटन में बड़ा तकनीकी मोड़: राष्ट्रपति ट्रम्प ने AI को दिया ‘सुपर इंटेलिजेंस’ का नया नाम, टेक दिग्गजों ने किया समझौता!

व्हाइट हाउस में आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा फरमान जारी करते हुए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) शब्द को हटाकर इसे आधिकारिक तौर पर ‘सुपर इंटेलिजेंस’ (Super Intelligence) का नाम दे दिया है। ट्रम्प का दावा है कि यह तकनीक इंटरनेट से भी कहीं अधिक शक्तिशाली और विशाल है। इसके साथ ही, ओपनएआई और अन्य दिग्गज टेक कंपनियों ने सुरक्षा और नियंत्रण पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
व्हाइट हाउस में दो दर्जन से अधिक शीर्ष टेक एग्जीक्यूटिव्स के साथ हुई इस बैठक में यह तय किया गया कि ‘सुपर इंटेलिजेंस’ के विकास और तैनाती में चार-स्तरीय ऑडिट प्रक्रिया लागू की जाएगी। हालांकि अमेरिका ने किसी कड़े कानून के बजाय कंपनियों को स्व-नियमन (Self-Regulation) की स्वतंत्रता दी है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय और यूरोपीय संघ के कड़े नियमों के बिल्कुल विपरीत है।
सिलिकॉन वैली में ट्रम्प के इस कदम से जहां एक तरफ कंपनियों को सुरक्षा और इनोवेशन की छूट मिली है, वहीं दूसरी तरफ आलोचकों का मानना है कि इतनी खतरनाक तकनीक को स्वतंत्र छोड़ना भविष्य में बड़े संकट को न्योता दे सकता है। ट्रम्प प्रशासन इस तकनीक के जरिए पूरी दुनिया पर अमेरिकी तकनीकी वर्चस्व स्थापित करना चाहता है।
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