मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंधों को न हटाने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत की आर्थिक नीतियां और रणनीतिक दूरदर्शिता देश के ऊर्जा बाजार को सुरक्षित रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।
जहाँ दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं कच्चे तेल की कीमतों के झटके से डगमगा रही हैं, वहीं भारत ने अपनी समझदारी भरी तेल कूटनीति से देशवासियों पर महंगाई का बोझ नहीं पड़ने दिया है। भारत अब किसी भी पश्चिमी या वैश्विक दबाव के आगे घुटने नहीं टेकता और अपनी शर्तों पर ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
वैश्विक आर्थिक मोर्चे पर भारत का यह स्वतंत्र और आक्रामक दृष्टिकोण उसकी मजबूत होती वैश्विक स्थिति का सबसे बड़ा सबूत है।
ये खबर भी पढ़ें—:

