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बटंग गांव में PM आवास योजना विवादों में,पाटन जनपद पंचायत अध्यक्ष के नाम पर भी आवास,गरीबों के नाम गायब

PM Awas Yojana mired in controversy in Batang village; house allotted in Chairperson's name, while names of the poor are missing.

(ग्राम पंचायत बटंग) पाटन क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का लाभ जरूरतमंद गरीबों की बजाय पहले से पक्के मकानों और सम्पन्न परिवारों को दिया जा रहा है। करीब 170 हितग्राहियों की सूची सामने आने के बाद गांव में नाराजगी बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को पहले ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है, उनके नाम भी नई सूची में शामिल हैं। वहीं, वर्षों से कच्चे मकानों में जीवन गुजार रहे पात्र परिवारों का नाम सूची से पूरी तरह गायब है।

जब इस मामले में पंचायत सचिव से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि सूची “ऊपर से तैयार होकर आती है।” हालांकि ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि सूची उच्च स्तर पर तैयार होती है, तो उसके लिए भेजी गई जानकारी किसके आधार पर तैयार की गई? आखिर पात्र गरीबों के नाम क्यों नहीं भेजे गए?

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया है कि पाटन जनपद पंचायत की अध्यक्ष कीर्ति नायक इसी गांव से हैं। ऐसे में उन्हें गांव के वास्तविक गरीब और सम्पन्न परिवारों की स्थिति की जानकारी क्यों नहीं है? स्थानीय लोगों के अनुसार, जनपद अध्यक्ष का नाम भी इस योजना की सूची में शामिल है, जबकि वे एक सम्पन्न परिवार से आती हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ वास्तव में गरीबों तक पहुंच रहा है, या फिर प्रभावशाली लोगों के लिए यह योजना आसान रास्ता बनती जा रही है? यदि ग्रामीणों के आरोप सही हैं, तो यह केवल एक गांव का मामला नहीं बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

फिलहाल संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराता है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूची में गड़बड़ी हुई है या नहीं।

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