लाड़ली बहना योजना पर फिर छिड़ा सियासी संग्राम

मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विधानसभा में सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल योजना में नए पंजीयन खोलने या सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इस बयान के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
लाड़ली बहना योजना राज्य की सबसे बड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं में गिनी जाती है। जून 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। विधानसभा में सरकार ने बताया कि अब तक हजारों करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे जा चुके हैं।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों के अनुरूप लाभ राशि बढ़ाने और नए हितग्राहियों को जोड़ने की दिशा में सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि वित्तीय संतुलन और योजनाओं की निरंतरता को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह मुद्दा आगामी चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं में योजना की लोकप्रियता बनी हुई है। ऐसे में योजना से जुड़े किसी भी निर्णय का सीधा असर जनमत पर पड़ सकता है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार लगातार योजनाएं चला रही है, लेकिन लाड़ली बहना योजना सबसे चर्चित कार्यक्रमों में बनी हुई है। आने वाले महीनों में सरकार की अगली रणनीति पर सभी की नजर रहेगी।




