रायपुर जिला सहकारिता विभाग में ज्वाइनिंग के बाद 12 साल से नहीं हुआ ट्रांसफर, आरटीआई के से मिली जानकारी

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त सरकारी दस्तावेजों के आधार पर समाचार प्रकाशित करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। आरोप है कि आरटीआई से प्राप्त जानकारी के आधार पर खबर प्रकाशित किए जाने के बाद संबंधित महिला अधिकारी की ओर से पत्रकार के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई गई है।
अब उसी मामले में आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों ने अधिकारी श्रीमती निधि पाण्डेय की लंबे समय से रायपुर में पदस्थापना को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
आरटीआई के तहत उप आयुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, रायपुर कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रमाणित जानकारी में श्रीमती निधि पाण्डेय की नियुक्ति एवं पदस्थापना आदेश की प्रति दी गई है। दस्तावेज के अनुसार निधि पाण्डेय की नियुक्ति सहकारी निरीक्षक के पद पर हुई थी और उन्हें रायपुर में पदस्थ किया गया था।
18 सितंबर 2014 के नियुक्ति आदेश से संबंधित दस्तावेज में निधि पाण्डेय का नाम नियुक्त अभ्यर्थियों की सूची में दर्ज है और उनकी पदस्थापना रायपुर से संबंधित दिखाई गई है।

पत्रकार के मुताबिक ये आरटीआई किसी व्यक्तिगत दुर्भावना से नहीं, बल्कि आरटीआई के माध्यम से प्राप्त सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर समाचार प्रकाशित किया था । ऐसे में पत्रकार के खिलाफ शिकायत किए जाने और दूसरी ओर लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापना के सवाल ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है।
अब जरूरत है कि सहकारिता विभाग इस पूरे मामले में श्रीमति निधि पाण्डेय की वर्ष 2014 से अब तक की पदस्थापना एवं स्थानांतरण संबंधी पूरी जानकारी सार्वजनिक करे, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।



