कीव पर रूस का अब तक का सबसे कायरतापूर्ण हमला!
रूस का बर्बर और अमानवीय कृत्य

रूस का क्रूर और अमानवीय चेहरा एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अपने इतिहास का सबसे बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया है, जिसमें 27 से अधिक निर्दोष नागरिकों की जान चली गई और 90 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। आधुनिक युद्ध के नाम पर रिहायशी सोसायटियों, अस्पतालों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। कीव के मेयर द्वारा जारी तस्वीरें और मलबे से निकलती चीखें चीख-चीखकर पुकार रही हैं कि पुतिन प्रशासन अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों को पैरों तले कुचलने पर आमादा है।
इस बर्बरता पर वैश्विक महाशक्तियों का दोगलापन भी साफ नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी संस्थाएं सिर्फ निंदा प्रस्ताव पारित करने वाली कागजी संस्था बनकर रह गई हैं। एक तरफ जहां मासूम बच्चे और नागरिक अपनी ही छतों के नीचे जिंदा दफन हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के ठेकेदार केवल प्रतिबंधों का खोखला खेल खेल रहे हैं। क्या दुनिया इतनी लाचार हो चुकी है कि एक सनकी साम्राज्यवादी सोच के सामने घुटने टेक दे? इस जघन्य कृत्य की जितनी भी मजम्मत की जाए कम है। रूस के इस रक्तपात को तुरंत रोका जाना चाहिए और वैश्विक बिरादरी को इस कायरता के खिलाफ कड़े और प्रत्यक्ष कदम उठाने होंगे।



