रानी दुर्गावती के बलिदान को नमन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले— इतिहास और विरासत का सम्मान ही उज्ज्वल भविष्य की पहचान

रायपुर। वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर राजधानी रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड स्थित उनकी प्रतिमा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अनुपम मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी समाज को प्रेरित करता है। उनकी गौरवगाथा हमें कठिन परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों को याद रखना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपनी विरासत को भूल जाता है, उसका भविष्य भी संकट में पड़ सकता है, जबकि जो समाज अपने गौरवशाली अतीत का सम्मान करता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल रहता है।
मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम सांस तक मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने वीरगति प्राप्त की। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और आत्मसम्मान का अमर अध्याय बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। विकास तभी सार्थक है जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती द्वारा स्थापित राष्ट्रचेतना, संघर्ष और स्वाभिमान की भावना आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ाना चाहिए।




