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गांव-गांव जागरूकता की अलख: बाल विवाह रोकने और महिला सशक्तिकरण के लिए मकरबंधा में चला विशेष अभियान

सूरजपुर। समाज से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करने और महिलाओं व बच्चों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत मकरबंधा में विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, साइबर अपराध से बचाव और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

शिविर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने ग्रामीणों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करते हुए कहा कि समाज की सहभागिता से ही इस कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा बाल विवाह प्रतिषेध कानून के प्रावधानों से अवगत कराया। बच्चों को गुड टच-बैड टच और लैंगिक अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930 की जानकारी साझा की गई, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें।

महिला संरक्षण अधिकारी इंदिरा चौबे ने घरेलू हिंसा से संरक्षण और सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं पर प्रकाश डाला। वहीं विशेषज्ञों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, भ्रूण हत्या रोकथाम, लैंगिक समानता, महिला उत्पीड़न रोकथाम, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी योजनाओं की जानकारी देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के ब्रोशर वितरित किए गए और नशा मुक्ति, बालिका शिक्षा तथा संस्कारित समाज निर्माण का संदेश दिया गया। सरपंच आरती सिंह, सचिव रामदुलार सिंह, जिला पंचायत ऑडिटर प्रदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह आयोजन सामाजिक जागरूकता और महिला-बाल अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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