ड्रोन से बदली सुनीता पटेल की तकदीर, खेतों से आसमान तक उड़ान भर बनीं ‘लखपति दीदी’

कभी साधारण ग्रामीण महिला के रूप में घर और खेतों तक सीमित रहने वाली सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के खोरीगांव की सुनीता पटेल आज तकनीक के दम पर आत्मनिर्भरता की नई पहचान बन चुकी हैं। ड्रोन उड़ाकर खेती में आधुनिक तकनीक को अपनाने वाली सुनीता आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
उनकी सफलता की शुरुआत वर्ष 2023 में शुरू हुई नमो ड्रोन दीदी योजना से हुई। इस अवसर को पहचानते हुए सुनीता ने ग्वालियर में 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण लिया, जहां उन्होंने ड्रोन संचालन के साथ खेतों में दवा और नैनो उर्वरक छिड़काव की आधुनिक तकनीक सीखी। प्रशिक्षण के बाद इफको की ओर से मिले कृषि ड्रोन ने उनकी जिंदगी को नई दिशा दी।
आज सुनीता ड्रोन के जरिए किसानों के खेतों में दवा और खाद का छिड़काव कर हर साल करीब 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। उनकी खासियत यह है कि वे बिना किसी भेदभाव के छोटे-बड़े सभी किसानों की मदद करती हैं।
सारंगढ़ मंडी में आयोजित खेती बचाओ अभियान और प्राकृतिक खेती कार्यशाला में सुनीता ने अपने ड्रोन कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में जब उन्होंने रिमोट से भारी ड्रोन उड़ाकर छिड़काव किया, तो उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
सुनीता की यह यात्रा साबित करती है कि सही प्रशिक्षण, तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। आज वे न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आधुनिक खेती की मिसाल बन चुकी हैं।




