वाशिंगटन की दादागीरी ध्वस्त! अमेरिकी ‘टैरिफ वॉर’ के आगे झुका नहीं भारत, डंके की चोट पर पीयूष गोयल ने दिखा दी औकात!

नई दिल्ली : वैश्विक व्यापार के मंच पर सुपरपावर होने का घमंड पालने वाले अमेरिका को भारत ने करारा आईना दिखाया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर 23-24 जून 2026 को भारत के दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आ रहे हैं, लेकिन उनके आने से ठीक पहले भारत ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। 20 जून 2026 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दो-टूक लहजे में स्पष्ट किया कि जब तक भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त (Competitive Advantage) और कम ड्यूटी की गारंटी नहीं मिलती, तब तक भारत अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) को लागू नहीं करेगा।
अमेरिका लगातार ‘धारा 301’ (Section 301) के तहत नई जांच और आर्थिक प्रतिबंधों की घुड़की देकर भारत पर अपनी मनमर्जी के टैरिफ थोपने की फिराक में था, लेकिन मोदी सरकार के कड़े रुख ने वाशिंगटन को बैकफुट पर धकेल दिया है।
यह तल्खी तब और बढ़ गई जब हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के दौरान तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई, जिस पर भारत ने अमेरिका के सामने बेहद कड़ा और आक्रामक विरोध दर्ज कराया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच 13 फरवरी 2025 को द्विपक्षीय व्यापार वार्ता (BTA) शुरू हुई थी, और 2 से 4 जून 2026 को नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच वार्ताकार स्तर की गहन चर्चा भी हुई। लेकिन अमेरिका भारत के निर्यात पर मनमाने टैक्स लगाने की जिद पर अड़ा है। पीयूष गोयल ने कड़े शब्दों में चेताया है कि आज का भारत अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। यह वाशिंगटन के इशारों पर चलने वाला देश नहीं है, जो बिना बराबरी के किसी समझौते पर दस्तखत कर दे।

