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दूसरे मर्द के साथ रहने की इतनी खौफनाक सजा?

रायपुर। अभी कोरिया जिला तीन-तीन कत्ल की खौफनाक वारदात से ऊबरा भी नहीं था, इसी जिले की एक और हैवानियत भरी वारदात ने इसे शर्मिंदा कर दिया । यहां एक साल से चल रहा आपसी अलगाव, चरित्र पर शक की सुई और फिर घर में घुसकर हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई। सिर्फ इतना ही नहीं, कैंची और ब्लेड से सरेआम सिर का मुंडन, चेहरे पर कालिख पोतना और अमानवीय प्रताड़ना देना। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र से आई इस खौफनाक वारदात ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। घटना के पीछे की वजह पत्नी का करीब सालभर से एक परिचित व्यक्ति के साथ रहना बताया जा रहा है, जिससे नाराज होकर पति ने सारी मर्यादाएं और देश का कानून ताक पर रख दिया।

इस पूरी बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी पति जितेंद्र घसिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की इस घटना के पीछे की मुख्य वजह चरित्र शंका और पारिवारिक विवाद था। पीड़िता का लगभग 15 साल पहले प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन पति लगातार उस पर शक करता था। विवाद बढ़ने पर पति करीब एक साल पहले उसे छोड़कर चला गया था, जिसके बाद महिला एक परिचित (दूसरे व्यक्ति) के साथ रह रही थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी पति (जितेंद्र घसिया) 14 जून को उसके घर पहुंचा और इस वारदात को अंजाम दिया

घटना और कानूनी व्यवस्था पर गंभीर सवाल:

रिश्तों में आपसी विवाद, अलगाव या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रहने के फैसले पर कानूनी तौर पर कदम उठाए जाने के प्रावधान हैं। लेकिन इस मामले में जिस तरह से कानून को अपने हाथ में लिया गया, उसकी हर स्तर पर निंदा की जा रही है।

सभ्य समाज में तालिबानी सोच क्यों?

किसी भी नागरिक को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी विवाद का निपटारा करने के लिए खुद अदालत या जल्लाद बन जाए। आपसी मनमुटाव या धोखे का समाधान कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए ही होना चाहिए।

महिला की गरिमा पर सीधा प्रहार:

किसी भी परिस्थिति में किसी महिला को इस तरह सरेआम अपमानित करना, उसका मुंडन करना और प्रताड़ित करना मौलिक अधिकारों और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।

सख्त संदेश की जरूरत:

ऐसे मामलों में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि समाज में यह कड़ा संदेश जाए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। निजी गुस्से या बदले की भावना में आकर की गई ऐसी क्रूर हरकतें पूरी तरह असहनीय हैं।

यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि आपसी विवादों को सुलझाने के लिए सामाजिक और कानूनी दायरों का पालन करना कितना अनिवार्य है, ताकि कानून व्यवस्था का मखौल न उड़े। तो इस व्यक्ति ने किया उसकी क्या सजा होनी चाहिए, अपनी राय आप कमेंट कर जरूर बताएं

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