पारस पोर्टल से होगी योजनाओं की सख्त निगरानी, सीमांकन में लापरवाही पर सरकार सख्त

राज्य सरकार ने शासकीय योजनाओं के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के जरिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर विभाग को तय समय-सीमा में परिणाम देना होगा।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी योजना, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना और स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
सीमांकन मामलों पर जताई नाराजगी
राजस्व विभाग में सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आदेश जारी होने के बाद भी कई मामलों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। इससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सीमांकन के हर प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
एग्रीस्टैक में हर किसान का पंजीयन जरूरी
बैठक में एग्रीस्टैक के तहत पात्र किसानों के शत-प्रतिशत पंजीयन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल धान खरीदी तक सीमित व्यवस्था नहीं बल्कि किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आधार है। किसी भी पात्र किसान के छूटने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन बने जनसमस्याओं का समाधान
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनाने के निर्देश दिए। ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की अलग से समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि अब तक एक लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें 65 हजार से ज्यादा का निराकरण किया जा चुका है।
सेवा सेतु और जी-रामजी योजना पर जोर
सेवा सेतु पोर्टल से अभी 27 विभागों की 721 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। सरकार ने शेष सेवाओं को भी जल्द इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए। वहीं विकसित भारत जी-रामजी योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और लंबित प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देने के निर्देश दिए गए।
मोबाइल टॉवर और स्कूल योजनाओं की समीक्षा
बैठक में दूरस्थ क्षेत्रों में 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही स्कूलों में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति का भी आकलन किया गया।
मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने, सहजन और कटहल जैसे पौधों के रोपण तथा बच्चों को पोषणयुक्त भोजन के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
हर महीने होगी समीक्षा
सरकार ने निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।




