संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सिरियाई प्रतिनिधि ने इजराइल को पूरे मिडल ईस्ट की शांति के लिए अब तक का ‘सबसे बड़ा खतरा’ घोषित कर दिया है। सिरियाई दूत इब्राहिम ओलाबी ने संयुक्त राष्ट्र की बैठक के दौरान दुनिया के सामने यह खुलासा किया कि इजराइल ने सिरिया की संप्रभुता को दरकिनार कर उनके इलाकों में अवैध घुसपैठ और बमबारी की है। जब सिरिया ने कूटनीतिक संयम दिखाया, तो इजराइल ने उसकी सीमा में घुसकर सैन्य चौकियों पर कब्जा जमा लिया। दूसरी तरफ, इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने बेशर्मी से अपने सुरक्षा बफर जोन का बचाव करते हुए ठीकरा तुर्की पर फोड़ दिया और उस पर 20,000 सैनिक तैनात करने का आरोप मढ़ दिया। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का यह मंच अब सीधे युद्ध के अखाड़े में तब्दील हो चुका है। इस अंतरराष्ट्रीय तनातनी ने एक बात साफ कर दी है कि मिडल ईस्ट का बारूद अब किसी भी वक्त पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले सकता है।




