गोद लिए गांवों के विकास पर फोकस: मार्च 2026 तक योजनाओं के ठोस नतीजों के निर्देश

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के गोद लिए गए तीन गांवों—बेमेतरा जिले के टेमरी, गरियाबंद जिले के बिजली और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के सोनपुरी—में केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मार्च 2026 तक स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए योजनाओं को ज़मीन पर उतारने पर जोर दिया।
इस संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और तीनों गांवों के सरपंच शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती और आजीविका जैसे बहुआयामी विकास कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि गोद ग्रामों में विशेष शिविर लगाकर आयुष्मान हेल्थ कार्ड और 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जाएं। साथ ही वर्ष 2026 तक टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीबी मरीजों को गोद लेने हेतु समाज को प्रेरित किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं के तहत कैंसर—विशेष रूप से ब्रेस्ट कैंसर—की स्क्रीनिंग, स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के लिए परीक्षा पूर्व आई कैंप और बुजुर्गों के लिए मोतियाबिंद जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्वच्छता अभियान में ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा गया कि आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को अधिक लाभ मिलना चाहिए। बैठक के दौरान ग्राम बिजली में मुक्तिधाम निर्माण के लिए 3 लाख रुपये स्वेच्छानुदान से देने की घोषणा की गई। वहीं सोनपुरी में स्कूली बच्चों के लिए लाइब्रेरी को किताबें उपलब्ध कराने और टेमरी में सामुदायिक भवन व ओपन जिम के लिए सीएसआर मद से राशि जुटाने की बात कही गई।
राज्यपाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गोद ग्रामों का नियमित दौरा करें और सरपंच, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ गांवों तक पहुंचे।



