छत्तीसगढ़ न्यूज़ | Fourth Eye News

राजीव युवा मितान क्लब में आयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक पारंपरिक खेल महाकुंभ को लेकर प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह.

जशपुरनगर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को वैश्विक पहचान दिलाने और लोगों में खेल के प्रति जागरूकता लाने विगत वर्ष से शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओंलम्पिक को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीणों क्षेत्रों में अलग-अलग स्तर पर इसका आयोजन कराया जा रहा है। पहले स्तर की प्रतियोगिता राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर आयोजित की जा रही हैं, जो जशपुर के इचकेला, कुनकुरी, बगीचा, फरसाबहार सहित पूरे जिले भर में जारी हैं।

इस वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक 16 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। इन खेल विधाओं में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, रस्साकसी, बाटी, फुगड़ी, भंवरा, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, संकली, लंबी कूद, गेड़ी दौड़, 100 मी दौड़ और बिल्लस सहित दो नये खेल शामिल है। प्रतियोगिता तीन वर्गों में आयोजित की जा रही है। पहला 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा 18 से 40 वर्ष की आयु तक एवं तीसरा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तक महिला और पुरूष दोनों वर्ग में शामिल है।

दूसरे स्तर की प्रतियोगिता के लिए 8 क्लब को मिलाकर एक जोन बनाया गया हैं। जिसमें चयनित खिलाड़ी विकासखण्ड स्तर पर होने वाली प्रतिस्पर्द्धा में भाग लेंगे। इसके बाद जिला, संभाग और अंतिम में राज्य स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता और प्रतिभागी दल को पुरस्कार राज्य युवा महोत्सव में दिया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ के पारम्परिक खेलों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों के खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन इस वर्ष 17 जुलाई से जारी हैं।

 

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