दिल्ली के इंटरनेशनल फेयर में छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों का जलवा, विदेशी खरीदारों ने दिए बड़े ऑर्डर

रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित Export Promotion Council for Handicrafts के अंतरराष्ट्रीय मेले IHGF Fair में इस बार छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प ने खास पहचान बनाई। India Expo Mart में आयोजित इस मेले में देश-विदेश से हजारों खरीदार और करीब 3000 निर्यातक शामिल हुए, जहां कोंडागांव के शिल्पकारों की कलाकृतियों ने सबका ध्यान खींचा।
अमेरिका, यूरोप, मध्य-पूर्व और एशियाई देशों से आए खरीदारों ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर उत्पादों को देखा और पसंद आने पर मौके पर ही बड़े ऑर्डर दिए। इससे स्थानीय कलाकारों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का मौका मिला।
झिटकू मटकी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के जरिए कोंडागांव के 12 शिल्पकारों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। विधायक लता उसेंडी और जिला प्रशासन की पहल से कलाकारों को यह अवसर मिला। प्रदर्शनी में पद्मश्री सम्मानित पंडी राम मंडावी, काष्ठ शिल्पकार उमेश साहू, ढोकरा कलाकार पंचूराम सागर, रामलाल मंडावी, बांस शिल्पकार मनमोहन नाग, रॉट आयरन कलाकार नंदलाल मरकाम और भित्ति चित्रकार सरला यादव व संतोषी यादव सहित कई कलाकार शामिल हुए।
काष्ठ शिल्पकार उमेश साहू ने बताया कि इस मंच ने उन्हें विदेशी बाजार की मांग को समझने का अवसर दिया। उनके अनुसार आधुनिक डिजाइन और बेहतर पैकेजिंग के साथ छत्तीसगढ़ की कला विश्व स्तर पर बड़ी पहचान बना सकती है।
मेले के दौरान छत्तीसगढ़ शिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने कलाकारों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों ने भी प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के लिए नए अवसर लेकर आया है। इससे राज्य की पारंपरिक कला को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है।




