सुशासन तिहार में गरमाया माहौल: विधायक के सामने भाजपा नेता और जनपद CEO में तीखी नोकझोंक

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वाकांक्षी सुशासन तिहार के दौरान प्रशासनिक जवाबदेही और जनसमस्याओं के समाधान की तस्वीर दिखाने वाले शिविर में उस समय असहज स्थिति बन गई, जब दुर्ग जिले के थनौद गांव में एक भाजपा नेता और जनपद पंचायत CEO के बीच तीखी बहस हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दुर्ग ग्रामीण मंडल के भाजपा महामंत्री पुराण देशमुख ने शिविर के दौरान सामुदायिक भवन निर्माण के लिए जारी की गई राशि पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि जिस निर्माण कार्य पर पहले आपत्ति और रोक लगाई गई थी, उसके बावजूद धनराशि कैसे जारी कर दी गई। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा।
वहीं, जनपद पंचायत CEO रूपेश पांडे ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामले में लगाया गया स्टे पहले ही हट चुका था, जिसके बाद नियमानुसार राशि जारी की गई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चर्चा के दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि CEO रूपेश पांडे अपना संयम खो बैठे और भाजपा नेता की ओर उंगली दिखाते हुए ऊंची आवाज में कहा, “जो करना है कर ले।” यह पूरा घटनाक्रम दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में हुआ।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और स्थानीय लोग सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रमों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बता रहे हैं। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




