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राज्यपाल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, जल संरक्षण से लेकर नशा मुक्ति तक बनाई कार्ययोजना

The Governor issued strict instructions to officials and formulated action plans ranging from water conservation to drug de-addiction.

रायपुर। राजभवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, जैविक खेती, टीबी उन्मूलन, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्यपाल ने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करना चाहिए और जमीनी हकीकत से अवगत रहना चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया।

जल संरक्षण को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने सभी शासकीय भवनों और प्रधानमंत्री आवासों में जनभागीदारी के माध्यम से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करने का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पुराने डबरियों, चेक डैमों और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण एवं मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा।

बैठक में अवैध रेत उत्खनन पर सख्त रोक लगाने और वैज्ञानिक तरीके से खनन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। राज्यपाल ने कहा कि इससे नदियों की प्राकृतिक संरचना सुरक्षित रहेगी और भूजल स्तर में सुधार होगा।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलेभर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने किसानों को प्राकृतिक खेती और हाइड्रोपोनिक्स तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने, बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाने, मुक्तिधामों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और स्वच्छ भारत मिशन के तहत नवाचारों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।

राज्यपाल ने लखपति दीदियों के कार्यों की सराहना करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समूहों को प्रोत्साहित करने की बात कही। वहीं टीबी मुक्त अभियान, विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य-शिक्षा, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति कार्यक्रमों की भी समीक्षा की।

उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और ड्रग्स के खिलाफ प्रशासन एवं पुलिस के संयुक्त अभियान चलाने पर बल दिया।

बैठक में विशेष पिछड़ी जनजातियों के गांवों में बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रधानमंत्री जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा रेड क्रॉस सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने तथा विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदान शिविरों के आयोजन के निर्देश भी दिए गए।