CG से आए जंगली हाथी, MP में 11 की मौत — Compensation विवाद छिड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ से उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि पड़ोसी मध्य प्रदेश के अनूपपुर जंगल में छत्तीसगढ़ की ओर से आए जंगली हाथियों ने पिछले छह वर्षों में 11 लोगों की मौत कराई है और 210 से अधिक घर और 2,900 से ज्यादा किसानों की खेती को नुकसान पहुँचाया है। इन मामलों को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज़ हो गया है और स्थानीय नेताओं ने राज्य सरकार पर सुरक्षा प्रबंधों में कमी का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश सरकार के विधानसभा में दिए बयान के अनुसार, मामले में ₹72 लाख का मुआवज़ा मृतकों के परिवारों को दिया गया है जबकि संपत्ति और फ़सलों के नुकसान के लिए अलग-अलग विभागों से मुआवज़े दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि फ़ौरेस्ट डिपार्टमेंट मृतक व्यक्तियों के मुवाज़ने के लिए प्रत्येक को ₹8 लाख का भुगतान करता है। विपक्ष ने कहा है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है और मरने वाले परिवारों के पुनर्वास के लिए ज़्यादा गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है।
स्थानीय किसानों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ प्रशासन ने वन क्षेत्रों के किनारे पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाने में विफलता दिखाई है और आवागमन मार्गों पर सुरक्षा उपायों की कमी से जानमाल का जोखिम बढ़ गया है। इस घटना ने क्षेत्रीय राजनीति में भी तनाव उत्पन्न कर दिया है, जहाँ कई सामाजिक कार्यकर्ता दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।


