कच्चे घर से पक्की छत तक: भुइरी बाई की जिंदगी में योजनाओं ने भरी नई रोशनी

रायपुर। सरकारी जनकल्याणकारी योजनाएं अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में ठोस बदलाव ला रही हैं। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंवरपुर की निवासी भुइरी बाई, पति कांशीराम, इसका जीवंत उदाहरण हैं। कभी वे कच्चे मकान में कठिन हालात में जीवन यापन कर रही थीं, लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बने पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं।
कच्चे घर की परेशानियों से राहत
भुइरी बाई बताती हैं कि पहले उनका घर कच्चा था। बरसात में छत से पानी टपकता, दीवारें कमजोर थीं और हर मौसम में असुरक्षा बनी रहती थी। सीमित संसाधनों के कारण पक्के घर का सपना अधूरा सा लगता था।
संघर्ष के बीच मिली मजबूत छत
आवास योजना के तहत उनके पति कांशीराम के नाम मकान स्वीकृत हुआ। दोनों ने मिलकर घर बनाने की शुरुआत की, लेकिन निर्माण के दौरान ही पति का निधन हो गया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद शासन की सहायता से बना यह पक्का घर आज उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
अन्य योजनाओं का भी मिला लाभ
भुइरी बाई को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नियमित रूप से चावल, दाल और शक्कर मिल रही है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन मिलने से अब वे धुएं से मुक्त वातावरण में खाना बनाती हैं, जिससे स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है।
बदली जिंदगी की तस्वीर
भावुक होकर भुइरी बाई कहती हैं कि अब उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं है। मजबूत घर ने उन्हें सुरक्षा और सम्मान दोनों दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उनका सपना साकार किया।
सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।




