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महासमुंद में कुपोषण पर वार: आंगनवाड़ियों से 14 हजार बच्चों को मिल रहा पोषक मिलेट बार

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद जिले में कुपोषण को खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के 14,172 चिन्हित कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषण के रूप में मिलेट बार दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को मजबूत बनाना है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी टिक्वेन्द्र जटवार के अनुसार, कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए उच्च प्रोटीन वाला आहार बेहद जरूरी होता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों में सप्ताह में छह दिन—सोमवार से शनिवार तक—हर बच्चे को प्रतिदिन 20 ग्राम मिलेट बार दिया जा रहा है। एक महीने में कुल 26 दिन तक यह पूरक आहार उपलब्ध कराया जाता है।

मिलेट बार में फाइबर, प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बच्चों की सेहत सुधारने के साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं। यह पोषक आहार बच्चों के समुचित विकास में अहम भूमिका निभा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि छह माह की उम्र के बाद यदि बच्चे को पर्याप्त पूरक आहार नहीं मिलता, तो उसके विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए शुरुआती अवस्था में संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन भी दिया जा रहा है। इस तरह की योजनाएं कुपोषण के खिलाफ मजबूत रणनीति बनकर बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव तैयार कर रही हैं।

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