नक्सलवाद के अंत पर ऐतिहासिक जश्न: कवर्धा में गूंजा विजय का बिगुल, जनसैलाब ने किया स्वागत

रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लिए 31 मार्च एक ऐतिहासिक दिन बनकर उभरा, जब केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने सदन में सशस्त्र नक्सलवाद के अंत की घोषणा की। लगभग चार दशकों तक चली इस चुनौती का अंत सामूहिक प्रयासों, मजबूत रणनीति और सतत कार्रवाई के चलते संभव हो पाया।
राज्य में यह बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री व गृह मंत्री Vijay Sharma के संकल्प का परिणाम मानी जा रही है। सुरक्षा बलों की बहादुरी, स्थानीय नागरिकों की भागीदारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति ने मिलकर इस अभियान को सफलता तक पहुंचाया।
नक्सलवाद से मुक्त होने के बाद कवर्धा में जश्न का माहौल देखने को मिला। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के पहली बार अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर महामाया चौक में भव्य नागरिक अभिनंदन हुआ। हजारों लोगों ने ढोल-नगाड़ों और रैली के साथ उनका स्वागत किया। विभिन्न समाजों और संगठनों ने एकजुट होकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया और उन्हें लड्डुओं से तौलकर सम्मानित किया।
इस मौके पर उन्होंने मंदिर और गुरुद्वारे में प्रदेश की शांति व समृद्धि की कामना की और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने वर्षों तक निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन अब बस्तर में डर की जगह विकास और खुशहाली ने ले ली है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों, समाज और बस्तरवासियों के सामूहिक विश्वास की जीत है। पुनर्वास नीतियों और संवाद की पहल से कई लोगों ने मुख्यधारा में वापसी की है, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त हुआ है।




