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बस्तर में मातृ-शिशु सुरक्षा की नई पहल: ‘हर डिलीवरी तक पहुंच’ मिशन के लिए हाई-टेक कॉल सेंटर शुरू

रायपुर। बस्तर जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक अभिनव कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन और यूनिसेफ के सहयोग से सुरक्षित मातृत्व को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए महारानी अस्पताल में ‘रेड (रीचिंग एवरी डिलीवरी) कॉल सेंटर’ की शुरुआत की गई।

इस पहल को खास बनाते हुए जिला कलेक्टर आकाश छिकारा ने औपचारिकता से हटकर एक नवजात की मां के हाथों इस केंद्र का उद्घाटन करवाया। यह प्रतीकात्मक पहल इस संदेश को मजबूत करती है कि माताओं की भागीदारी ही स्वास्थ्य योजनाओं की असली ताकत है।

‘हरिक मांय, हरिक पिला’ (खुश मां, खुश बच्चा) अभियान के तहत अब जिले की हर गर्भवती महिला तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है। कॉल सेंटर के माध्यम से खासतौर पर 7 से 9 माह की गर्भवती और उच्च जोखिम वाली महिलाओं पर फोकस किया जाएगा। इन महिलाओं से नियमित फोन कॉल के जरिए संपर्क कर उन्हें सुरक्षित और संस्थागत प्रसव के लिए जागरूक किया जाएगा, साथ ही नजदीकी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

यह व्यवस्था केवल प्रसव तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रसव के बाद भी 30 दिनों तक मां और नवजात की निगरानी की जाएगी। कॉल सेंटर के जरिए लगातार फॉलो-अप लेकर किसी भी संभावित स्वास्थ्य समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक के इस समावेश से बस्तर प्रशासन का उद्देश्य हर प्रसव को सुरक्षित बनाना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।

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