बाजार में भूचाल! सेंसेक्स 800 अंक टूटा, क्या आम आदमी की जेब पर फिर पड़ेगा हमला?

18 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 200 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। रुपये ने भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचला स्तर छुआ, जिससे आयात महंगा होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की निकासी 2.2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। इससे निवेशकों में घबराहट का माहौल देखा गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो महंगाई और ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।
यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशक कॉरपोरेट नतीजों और सरकार की आर्थिक नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। कई विश्लेषकों ने इसे अल्पकालिक दबाव बताया है, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ। बाजार की दिशा अब वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं और तेल कीमतों पर निर्भर मानी जा रही है।



