11 साल का सबसे कमजोर मानसून! क्या फिर महंगाई और सूखे की मार झेलेगा भारत?

भारत में 2026 के मानसून को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि इस साल जून से सितंबर तक का दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य से काफी कमजोर रह सकता है। विभाग के अनुसार देश में इस बार औसत वर्षा केवल 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जो पिछले 11 वर्षों में सबसे कमजोर मानसून माना जा रहा है।
IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि प्रशांत महासागर में तेजी से विकसित हो रही एल नीनो परिस्थितियां भारत में बारिश को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार जून महीने में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही कई राज्यों में सामान्य से अधिक गर्मी और हीटवेव के दिन भी बढ़ सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक मध्य भारत, दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर कृषि उत्पादन, जल भंडारण, बिजली उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। भारत की लगभग आधी कृषि भूमि अब भी मानसून आधारित है, इसलिए कम बारिश का सीधा असर फसलों की बुवाई और पैदावार पर पड़ सकता है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि कमजोर मानसून से खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने पर खाद्य महंगाई बढ़ सकती है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आय और मांग दोनों पर दबाव बन सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी और समय-समय पर अपडेट जारी किए जाएंगे।




