G7 से पहले यूरोप दौरे पर पीएम मोदी, फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ मजबूत होंगे रिश्ते

भारत की वैश्विक कूटनीति को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 जून से फ्रांस और स्लोवाकिया की अहम यात्रा पर रवाना हुए हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक चुनौतियों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसे बड़े मुद्दों से गुजर रही है। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और व्यापार जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा होगी। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी पहले से ही काफी मजबूत है और इस यात्रा के दौरान नए समझौते और योजनाएं सामने आ सकती हैं।
इसके बाद प्रधानमंत्री स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्वतंत्र स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। दोनों देशों के बीच ऑटोमोबाइल उद्योग, रेलवे निर्माण, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मोदी फ्रांस में आयोजित G7 सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे, जहां दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था, युद्ध, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस यात्रा से भारत की भूमिका एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।



