सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के समाधान का मजबूत मंच, 540 नए राशन कार्ड और 1062 पेंशन स्वीकृत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में आयोजित सुशासन तिहार जिले में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ निराकरण करते हुए बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है।
सुशासन तिहार के जरिए शासन-प्रशासन आम जनता के द्वार तक पहुंचा है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सेवाओं और योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। जिले के सभी जनपद पंचायत क्षेत्रों में अधिकारियों और मैदानी अमले ने समन्वित प्रयासों से आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया।
अभियान के तहत जिले में अब तक 540 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं। वहीं 752 राशन कार्डों में नए सदस्यों के नाम जोड़े गए हैं। इसके अलावा 1062 पात्र हितग्राहियों की पेंशन स्वीकृत की गई, 1156 नए शौचालयों को मंजूरी मिली तथा 79 मनरेगा जॉब कार्ड जारी किए गए हैं।
जनपद पंचायत उदयपुर ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यहां 249 नए राशन कार्ड बनाए गए, 194 राशन कार्डों में नाम जोड़े गए, 369 पेंशन स्वीकृत हुईं, 265 शौचालयों को मंजूरी मिली और 11 मनरेगा जॉब कार्ड जारी किए गए। इससे बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिला है।
सीतापुर में 70 नए राशन कार्ड बनाए गए और 320 राशन कार्डों में नए नाम जोड़े गए। साथ ही 84 पेंशन स्वीकृत हुईं, 300 शौचालयों को मंजूरी मिली और 14 मनरेगा जॉब कार्ड जारी किए गए। बतौली में 40 नए राशन कार्ड, 55 नाम जोड़ने, 325 पेंशन स्वीकृति, 75 शौचालय मंजूरी और 12 मनरेगा जॉब कार्ड जारी करने का कार्य किया गया।
मैनपाट में रोजगार और स्वच्छता को बढ़ावा देते हुए 13 नए राशन कार्ड बनाए गए, 17 नाम जोड़े गए, 65 पेंशन स्वीकृत हुईं, 250 शौचालयों को मंजूरी मिली और 34 मनरेगा जॉब कार्ड जारी किए गए, जो जिले में सर्वाधिक हैं।
लखनपुर में 14 नए राशन कार्ड, 13 नाम जोड़ने, 57 पेंशन स्वीकृति और 240 शौचालयों की मंजूरी दी गई। वहीं लुंड्रा में 65 नए राशन कार्ड बनाए गए, 132 नाम जोड़े गए और 134 पेंशन स्वीकृत की गईं। अम्बिकापुर में भी 89 नए राशन कार्ड, 21 नाम जोड़ने, 28 पेंशन स्वीकृति, 26 शौचालय मंजूरी और 6 मनरेगा जॉब कार्ड जारी कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार की जनकल्याण और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हो रही है। जिला प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रयासरत है।




