भारत की ‘टैरिफ वॉर’ में अमेरिका को खुली चुनौती

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने का गुमान पालने वाले अमेरिका को भारत ने कल रात बातचीत की मेज पर करारा तमाचा जड़ा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमीसन ग्रीर नई दिल्ली में भारत पर दबाव बनाने आए थे, उनकी जेब में ‘मजबूर श्रम’ (Forced Labor) के नाम पर भारतीय सामानों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ थोपने का प्रस्ताव था। लेकिन वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी ब्लैकमेलिंग को हवा में उड़ाते हुए साफ कर दिया कि भारत किसी भी ‘अंतरिम डील’ (Interim Deal) की भीख नहीं मांगेगा।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका 24 जुलाई को खत्म हो रहे पुराने टैरिफ नियमों से पहले भारत को घेरना चाहता था, लेकिन भारत ने ‘आंख में आंख’ डालकर बात करते हुए अपनी ‘प्रतिस्पर्धी बढ़त’ (Tariff Edge) की मांग रख दी है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है: या तो बराबरी का दर्जा दो, वरना अपनी कंपनियों के लिए भारत के दरवाजे बंद पाओगे। यह ‘नया भारत’ है जो वाशिंगटन के प्रतिबंधों के डर से नहीं, बल्कि अपने 140 करोड़ लोगों के दम पर फैसले लेता है।



