‘ऑपरेशन सिंधु’ का परचम: महासंग्राम के बीच दुनिया का ‘मसीहा’ बनकर उभरा भारत!

जब अमेरिका और ईरान एक-दूसरे के वजूद को मिटाने की धमकियां दे रहे थे, तब भारत ने जमीन पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत भारतीय नौसेना और वायुसेना ने न केवल अपने हजारों नागरिकों को युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित निकाला, बल्कि नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के लोगों को भी मौत के मुंह से बाहर लाया। अमेरिका ने भी स्वीकार किया है कि वह ईरान के परमाणु मुद्दे और समुद्री सुरक्षा पर भारत के साथ मिलकर चलना चाहता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से प्रधानमंत्री मोदी को एक ‘मजबूत वार्ताकार’ बताया है और भारत को अपना पसंदीदा रणनीतिक साझेदार माना है। आज जब दुनिया की बड़ी ताकतें आपसी टकराव में उलझी हैं, तब भारत ही वह देश है जो ईरान और अमेरिका दोनों की आंखों में आंखें डालकर बात कर सकता है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी का पिछलग्गू नहीं बनेगा, बल्कि अपने ‘नेशनल इंटरेस्ट’ को सर्वोपरि रखेगा। रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में ‘India-US COMPACT’ के तहत हो रही प्रगति यह दर्शाती है कि आने वाले समय में वैश्विक व्यवस्था की धुरी भारत ही होने वाला है।




