देश की ताज़ा खबरें | Fourth Eye News

तेहरान में रोष का सैलाब, उधर वाशिंगटन से ट्रंप की आक्रामक धमकी—’एक सटीक शॉट और ईरान का पूरा नेतृत्व साफ!’

हरान/वाशिंगटन (5 जुलाई 2026): मध्य पूर्व (West Asia) के इतिहास का सबसे तनावपूर्ण और बारूदी मंजर आज तेहरान की सड़कों पर देखा जा रहा है। फरवरी 2026 में अमेरिकी और इजरायली मिसाइल हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दूसरे दिन आज पूरा ईरान प्रतिशोध की आग में धधक रहा है। तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला (Grand Mosallah) में लाखों की संख्या में ईरानी नागरिक और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर इकट्ठा हैं और आसमान ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारों से गूंज रहा है। The Hindu की रिपोर्ट के अनुसार, जनाजे के दौरान एक मशहूर कवि मोहम्मद रसूली ने मंच से खुलेआम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मौत के घाट उतारने का आह्वान किया, जिसने पश्चिमी खुफिया एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।

लेकिन इस सुलगते बारूद के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा आक्रामक और सनसनीखेज बयान दे दिया है, जिसने कूटनीतिक गलियारों में आग लगा दी है। The Independent की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कल एक इंटरव्यू में कहा कि वे तेहरान के अंतिम संस्कार में जुटे लाखों लोगों और ईरान के नए शीर्ष नेतृत्व (जिसमें खामेनेई के बेटे मोझताबा खामेनेई शामिल हैं) को देखकर हैरान हैं। ट्रंप ने सीधे शब्दों में धमकी देते हुए कहा, “वे सब इस वक्त वहीं (तेहरान) मौजूद हैं। सिर्फ एक सटीक शॉट और हम उन सभी को एक साथ खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि फिर हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई बचेगा ही नहीं।”

ट्रंप के इस भड़काऊ और अहंकारी बयान पर ईरान ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “इंसान मारे जा सकते हैं, लेकिन विचारधारा नहीं। तुमने अयातुल्ला खामेनेई को शहीद जरूर किया, लेकिन असल में तुमने इत्र की एक बोतल तोड़ दी है जिसकी खुशबू अब चारों तरफ फैल चुकी है।” तेहरान में खामेनेई के ताबूत के साथ उनकी बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती के शव भी रखे गए हैं, जो फरवरी के अमेरिकी हमलों में मारे गए थे। The Independent की मानें तो यह अंतिम संस्कार किसी शांति समझौते की नींव नहीं, बल्कि पश्चिम के खिलाफ एक विनाशकारी और लंबे गुरिल्ला युद्ध का खुला शंखनाद बन चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button