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जल उठा मिडल ईस्ट: अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान के मिसाइल ठिकानों को किया नेस्तनाबूद, तेहरान का पलटवार—’यह आर-पार की जंग है!’

Middle East Ablaze: US fighter jets obliterate Iranian missile sites; Tehran hits back—'This is an all-out war!'

पिछले 24 घंटों में मिडल ईस्ट एक भीषण और पूर्ण युद्ध की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर बेहद सख्त सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के बाद अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने ईरान के अंदर घुसकर तबाही मचाई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भीषण हवाई हमलों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण केंद्रों, तटीय रडार प्रणालियों और अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है। अमेरिकी फाइटर जेट्स और खतरनाक आत्मघाती समुद्री ड्रोनों ने स्ट्रेट ऑफ हारमुज में ईरानी नौसैनिक क्षमताओं को पंगु बनाने के लिए भीषण बमबारी की है।

इस विनाशकारी हमले के बाद ईरान में हाहाकार मचा हुआ है और वहां के राज्य मीडिया के अनुसार दर्जनों सैन्य और नागरिक ठिकानों पर धुआं उठ रहा है। ईरान ने भी इस अमेरिकी आक्रामकता के सामने घुटने टेकने से इनकार करते हुए अपने मिसाइल बेड़े को पूरी तरह एक्टिव कर दिया है और खाड़ी देशों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने अमेरिका का साथ दिया तो उन्हें भी मिटा दिया जाएगा। इस जंग ने वैश्विक तेल बाजारों में खलबली मचा दी है।

लेकिन इस पूरी जंग में रणनीतिक रूप से भारत को फायदा हो रहा है। पश्चिमी देशों और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते टकराव के कारण भारत की ओर वैश्विक शक्तियों की निर्भरता बढ़ गई है। भारत इस युद्ध में एक शक्तिशाली मध्यस्थ और स्थिर अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, जिससे भारत का वैश्विक कद और मजबूत हुआ है।